डॉ. अमोल कोल्हेछत्रपति शिवाजी महाराजराजनीतिसांस्कृतिक विरासतसावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय
विवाद और विश्वास: डॉ. अमोल कोल्हे का छत्रपति शिवाजी महाराज पर भाषण
डॉ. अमोल कोल्हे ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर भाषण देते हुए राजनीति से सांस्कृतिक विरासत को अलग करने पर बल दिया। इस दौरान कुछ छात्रों के विरोध के बावजूद उन्होंने अपनी बात दृढ़ता से रखी।
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Digital Jagran
2/21/2026, 6:36:46 AM
