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गुलिवर की यात्राएँ: 300 वर्षों बाद भी प्रासंगिक क्यों हैं?
गुलिवर की यात्राएँ एक बच्चों की कहानी से कहीं ज्यादा है। जोनाथन स्विफ्ट की यह रचना 300 साल बाद भी राजनीति, विज्ञान और मानव स्वभाव की कड़ी व्यंग्यात्मक आलोचना के रूप में प्रासंगिक है।
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डिजिटल जागरण संपादक मंडल
6/20/2026, 6:32:10 PM
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