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सत्रों के दरवाज़े आशीर्वाद के लिए खुले हैं, राजनीति के लिए नहीं
माजुली में सत्र और नववैष्णव धर्म की भूमि पर चुनावी राजनीति का प्रभाव बहुत ही कम है। यहाँ के मतदाता राजनीतिक प्रचार से ऊपर उठकर स्वतंत्र और परंपरागत तरीके से मतदान करते हैं। इससे सत्रों की पारंपरिक भूमिका और सामाजिक एकता बनी रहती है।
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डिजिटल जागरण
3/29/2026, 6:30:17 AM
